पठानकोट। भाजपा की राष्ट्रीय चुनाव प्रचार समिति के मुखिया बनने के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री
नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोकसभा चुनाव 2014 के लिए बिगुल फूंका। उन्होंने अपने भाषण में कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी और मुद्रा के लगातार नीचे गिरने को लेकर होड़ लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में हुए अरबों रुपये के घोटाले के कारण देश आर्थिक स्थिति चिंताजनक है। एक डालर का मूल्य 60 रुपये तक आ गया है। इसी से अंदाज लगाया जा सकता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में रुपये की हैसियत क्या है। मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति करती है। देश पर खतरे के प्रति कांग्रेस लापरवाह है साथ ही उन्होंने कहा कि देश में सत्ता के दो ध्रुव बनने से देश की हालत बदतर हुई है। उन्होंने कहा कि अभी तक जो यूपीए का कार्यकाल रहा है उसमें कई तरह के घोटाला ही सरकर की उपलब्धि रही है। देखें: मोदी की रैली की तस्वीरें
उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा दिखाए गए भारत निर्माण के विज्ञापन पर भी चुटकी ली और कहा कि जिस भारत निर्माण का विज्ञापन सरकारी खर्चे से कराकर सरकार ने अपनी वाहवाही लूटनी चाही थी, उस भारत निर्माण पर उन्हें शक है। लेकिन जब उन्होंने यह बात सार्वजनिक तौर पर कही तो केंद्र सरकार को भी अपने विज्ञापन पर शक हुआ और उसने विज्ञापन रोक दिया। उन्होंने कहा कि वह हमेशा से लोगों को जोड़ने का काम करते आए हैं और आगे भी वह यह काम जारी रखेंगे।
अपने भाषण में उन्होंने जहां कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया वहीं उन्होंने डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी, सरदार पटेल और अंबेडकर को देश का सच्चा सपूत बताया। उन्होंने अपने भाषण में बिना किसी का नाम लिए सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री पर भी निशाना साधा।
मोदी ने कहा कि इन दिनों देश में दो प्रधान हैं। देश की जनता को यह नहीं पता है कि सच्चा प्रधान कौन है और कौन नहीं। उन्होंने केंद्र पर युवा शक्ति की अवहेलना करने का भी आरोप लगाया। मोदी ने पीएम से पूछा कि देश के जवानों के सिर काट लेने के बाद आखिर उन्होंने क्या किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर देश को बर्बाद करने का आरोप लगाया। मोदी ने अपने राजनीतिक जीवन में पंजाब का अहम रोल बताया।
मोदी ने प्रकाश सिंह बादल को जहां पिता तुल्य बताया। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऐसे जमीन से जुड़े नेता थे जिन्होंने रेलवे के तीसरे दर्जे के डिब्बे में दिल्ली से पठानकोट तक का सफर किया और इन डिब्बों में परिवर्तन कर सुधार किया था। इस रैली में उन्होंने सभी से उत्तराखंड के पीड़ितों की मदद करने के अपील की।
नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोकसभा चुनाव 2014 के लिए बिगुल फूंका। उन्होंने अपने भाषण में कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी और मुद्रा के लगातार नीचे गिरने को लेकर होड़ लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में हुए अरबों रुपये के घोटाले के कारण देश आर्थिक स्थिति चिंताजनक है। एक डालर का मूल्य 60 रुपये तक आ गया है। इसी से अंदाज लगाया जा सकता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में रुपये की हैसियत क्या है। मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति करती है। देश पर खतरे के प्रति कांग्रेस लापरवाह है साथ ही उन्होंने कहा कि देश में सत्ता के दो ध्रुव बनने से देश की हालत बदतर हुई है। उन्होंने कहा कि अभी तक जो यूपीए का कार्यकाल रहा है उसमें कई तरह के घोटाला ही सरकर की उपलब्धि रही है। देखें: मोदी की रैली की तस्वीरें
उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा दिखाए गए भारत निर्माण के विज्ञापन पर भी चुटकी ली और कहा कि जिस भारत निर्माण का विज्ञापन सरकारी खर्चे से कराकर सरकार ने अपनी वाहवाही लूटनी चाही थी, उस भारत निर्माण पर उन्हें शक है। लेकिन जब उन्होंने यह बात सार्वजनिक तौर पर कही तो केंद्र सरकार को भी अपने विज्ञापन पर शक हुआ और उसने विज्ञापन रोक दिया। उन्होंने कहा कि वह हमेशा से लोगों को जोड़ने का काम करते आए हैं और आगे भी वह यह काम जारी रखेंगे।
अपने भाषण में उन्होंने जहां कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया वहीं उन्होंने डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी, सरदार पटेल और अंबेडकर को देश का सच्चा सपूत बताया। उन्होंने अपने भाषण में बिना किसी का नाम लिए सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री पर भी निशाना साधा।
मोदी ने कहा कि इन दिनों देश में दो प्रधान हैं। देश की जनता को यह नहीं पता है कि सच्चा प्रधान कौन है और कौन नहीं। उन्होंने केंद्र पर युवा शक्ति की अवहेलना करने का भी आरोप लगाया। मोदी ने पीएम से पूछा कि देश के जवानों के सिर काट लेने के बाद आखिर उन्होंने क्या किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर देश को बर्बाद करने का आरोप लगाया। मोदी ने अपने राजनीतिक जीवन में पंजाब का अहम रोल बताया।
मोदी ने प्रकाश सिंह बादल को जहां पिता तुल्य बताया। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऐसे जमीन से जुड़े नेता थे जिन्होंने रेलवे के तीसरे दर्जे के डिब्बे में दिल्ली से पठानकोट तक का सफर किया और इन डिब्बों में परिवर्तन कर सुधार किया था। इस रैली में उन्होंने सभी से उत्तराखंड के पीड़ितों की मदद करने के अपील की।

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एस यु कैन