ऊना: आईआरबी
बनगढ़ में तैनात कमांडैंट डा. डीकेचौधरी चम्बा में एसपी नियुक्त किए गए
हैं जबकि एसपी चम्बा के पद पर कार्यरत जगत राम को प्रथम आईआरबी बनगढ़ जिला
ऊना में कमाडैंट के पद पर तैनाती दी गई है। डा. डीके चौधरी ने पिछले 3
वर्षों के दौरान आईआरबी मुख्यालय बनगढ़ में शानदार सेवाएं प्रदान की हैं।
एक वर्ष तक यूएन(यूनाइटेड नेशन) में सेवाएं दे चुके डा. चौधरी प्रदेश के कई
हिस्सों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
विजीलैंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो में ऊना में बतौर डीएसपी व एएसपी के
तौर पर काम कर चुके हैं। वर्ष 1996 से पुलिस सेवा ज्वाइन करने वाले आईपीएस
अधिकारी डा. चौधरी ने पीएचडी तक शिक्षा ग्रहण की है। कांगड़ा जिला के
ज्वालाजी से संबंधित डीके चौधरी 2008 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनकी
सेवाओं को देखते हुए सरकार ने चम्बा जैसे जिला का दायित्व सौंपा है।
शनिवार, 22 फ़रवरी 2014
गुरूमाजरा में चली तलवारें
बरोटीवाला:
ग्राम पंचायत किशनपुरा के अंतर्गत गुरूमाजरा गांव में आपसी रंजिश के चलते 2
गुटों में तेजधार हथियारों से झगड़ा हुआ। दोनो पक्षों में खूब हथियार व
जमकर तलवारें चलीं जिसमें 3 युवक घायल हुए है। एक युवक का तलवार से कान कट
गया तथा सिर पर गहरे जख्म होने पर उसे पीजीआई रैफर कर दिया गया है। पुलिस
ने गंभीर रूप से जख्मी युवक की ओर से मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
यह घटना शनिवार सुबह 10 बजे की है।
जानकारी के अनुसार गुरूमाजरा निवासी गुरमैल सिंह सुबह करीब अपने घर की ओर जा रहा था तो इसी गांव के संदीप व हरिकिशन ने रास्ता रोक कर उस पर तलवारों से हमला कर दिया। इस दौरान गुरमैल का बायां कान कट गया जिसको देखते हुए दोनों गुटों की तरफ से लोग एकत्रित हो गए तथा जम कर मारपीट हुई। तलवारों से हुए हमले में लोग छुड़ाने से भी कतराने लगे। दूसरे गुट के हरिकिशन व संदीप के सिर में चोटें आई हंै। एसपी बद्दी एस. अरूल कुमार ने बताया कि पुलिस ने धारा 307, 341, 323 व 324 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार गुरूमाजरा निवासी गुरमैल सिंह सुबह करीब अपने घर की ओर जा रहा था तो इसी गांव के संदीप व हरिकिशन ने रास्ता रोक कर उस पर तलवारों से हमला कर दिया। इस दौरान गुरमैल का बायां कान कट गया जिसको देखते हुए दोनों गुटों की तरफ से लोग एकत्रित हो गए तथा जम कर मारपीट हुई। तलवारों से हुए हमले में लोग छुड़ाने से भी कतराने लगे। दूसरे गुट के हरिकिशन व संदीप के सिर में चोटें आई हंै। एसपी बद्दी एस. अरूल कुमार ने बताया कि पुलिस ने धारा 307, 341, 323 व 324 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
कंपनी नहीं दे रही वेतन
परवाणु: प्रबंधकों
द्वारा पिछले 3 माह से वेतन की अदायगी न करने तथा ईएसआई और ईपीएफ का पैसा
संबंधित विभागों में जमा न करवाने के विरोध में सैक्टर-5 स्थित एक औद्योगिक
इकाई के श्रमिकों ने स्थानीय श्रम विभाग के कार्यालय के बाहर धरना दिया और
जमकर नारेबाजी की।
वाहनों के कलपुर्जे बनाने वाली एक औद्योगिक इकाई के प्रबंधकों व श्रमिकों के बीच पिछले कई दिनों से तनातनी जारी है। श्रमिकों का आरोप है कि प्रबंधक पिछले 2 वर्षों से वेतन की अदायगी समय पर नहीं कर रहे हंै। उद्योग की सीटू से संबंधित कामगार यूनियन के प्रधान आईएम पाठक और महासचिव रुमालू राम ने बताया कि उद्योग में लगभग 130 कर्मचारी कार्यरत हैं।यूनियन के नेताओं ने प्रबंधकों पर आरोप जड़ते हुए कहा कि प्रबंधक वर्ग कामगारों का जम कर शोषण कर रहा है। कामगारों का ईएसआई और ईपीएफ का पैसा जमा नहीं किया जाता है और मासिक वेतन भी समयानुसार नहीं दिया जाता है। प्रबंधकों द्वारा कामगारों का पिछले 3 माह का वेतन रोक दिया गया है जबकि कुछ कामगारों का तो पिछले 6 माह का वेतन भी रिलीज नहीं किया गया है। शुक्रवार को संघर्ष का रास्ता अख्तियार करते हुए कामगारों ने सीटू के जिला महासचिव दलजीत सिंह के नेतृत्व में श्रम विभाग के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
उद्योगपति का नियमों के तहत चालान कर दिया गया है और श्रम विभाग की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच समझौता वार्ता जारी है।
ललित मोहन, श्रम निरीक्षक परवाणु
वाहनों के कलपुर्जे बनाने वाली एक औद्योगिक इकाई के प्रबंधकों व श्रमिकों के बीच पिछले कई दिनों से तनातनी जारी है। श्रमिकों का आरोप है कि प्रबंधक पिछले 2 वर्षों से वेतन की अदायगी समय पर नहीं कर रहे हंै। उद्योग की सीटू से संबंधित कामगार यूनियन के प्रधान आईएम पाठक और महासचिव रुमालू राम ने बताया कि उद्योग में लगभग 130 कर्मचारी कार्यरत हैं।यूनियन के नेताओं ने प्रबंधकों पर आरोप जड़ते हुए कहा कि प्रबंधक वर्ग कामगारों का जम कर शोषण कर रहा है। कामगारों का ईएसआई और ईपीएफ का पैसा जमा नहीं किया जाता है और मासिक वेतन भी समयानुसार नहीं दिया जाता है। प्रबंधकों द्वारा कामगारों का पिछले 3 माह का वेतन रोक दिया गया है जबकि कुछ कामगारों का तो पिछले 6 माह का वेतन भी रिलीज नहीं किया गया है। शुक्रवार को संघर्ष का रास्ता अख्तियार करते हुए कामगारों ने सीटू के जिला महासचिव दलजीत सिंह के नेतृत्व में श्रम विभाग के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
उद्योगपति का नियमों के तहत चालान कर दिया गया है और श्रम विभाग की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच समझौता वार्ता जारी है।
ललित मोहन, श्रम निरीक्षक परवाणु
सोलन में भाजपाइयों का धरना
सोलन:
भाजपा जनता पार्टी सोलन मंडल ने शहर में बिजली की अव्यवस्था व क्षेत्रीय
अस्पताल सोलन में चरमराई स्वास्थ्य सेवाओं के खिलाफ जिलाधीश कार्यालय के
बाहर धरना दिया। इस दौरान प्रदेश सरकार व स्थानीय मंत्री के खिलाफ जमकर
नारेबाजी की गई। भाजपा ने अपनी मांगों को लेकर जिलाधीश सोलन मदन चौहान को
ज्ञापन भी सौंपा।
भाजपा ने स्थानीय जनता से जुड़े 3 मुद्दों अघोषित बिजली
के कट, क्षेत्रीय अस्पताल में डाक्टरों की कमी व तेज रफ्तार से दौड़ रहे
बिजली के मीटर को लेकर खूब नारेबाजी की।
भाजपा मंडल महामंत्री शैलेन्द्र गुप्ता का कहना है कि पिछले कुछ माह से सोलन में बिजली की अव्यवस्था चल रही है। इसके अलावा कुछ माह पूर्व शहर में लगाए गए नए मीटरों की रफ्तार भी तेज है। इसके कारण लोगों को बिजली के भारी भरकम बिल आ रहे हैं। इन मीटरों की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल में डाक्टरों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। इसी का परिणाम है कि कुछ दिन पूर्व अस्पताल में नवजात शिशु की मौत हो गई। श्री गुप्ता ने बताया कि भाजपा सोलन मंडल ने इस विषय में मुख्यमंत्री से इस अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।
इस अवसर पर भाजपा मंडलाध्यक्ष लोकेश्वर शर्मा, रविंद्र परिहार, पवन गुप्ता, कमला शर्मा, सोमा ठाकुर, सुषमा शर्मा, मीरा बाखरू, कृष्णा ठाकुर, सुधा मित्तल, मनीष, सुनील लग्गा, अनिल कपिल, अमर सिंह ठाकुर, चंद्रकांत शर्मा, विवेक डोभाल, मुकेश वर्मा, अनिल चौहान, भरत साहनी, कमल वर्मा, नंदराम कश्यप, प्रशांत, बादल नाहर, संजय मलिक, हितेंद्र शर्मा व इंद्र सिंह मैहता सहित अन्य कार्यकत्र्ता मौजूद रहे।
शहर में कहीं भी अघोषित विद्युत कट नहीं लग रहे हैं। 132 केवी सपरून केन्द्र से बिजली की कम आपूर्ति होने के कारण आवश्यकतानुसार 11 केवी फीडरों पर कट लगाए जा रहे हं। इस बारे विभाग ने समाचार पत्रों के माध्यम से कटों की समयसारिणी को प्रकाशित किया था।
एसके सैन, अधिशासी अभियंता विद्युत बोर्ड
भाजपा मंडल महामंत्री शैलेन्द्र गुप्ता का कहना है कि पिछले कुछ माह से सोलन में बिजली की अव्यवस्था चल रही है। इसके अलावा कुछ माह पूर्व शहर में लगाए गए नए मीटरों की रफ्तार भी तेज है। इसके कारण लोगों को बिजली के भारी भरकम बिल आ रहे हैं। इन मीटरों की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल में डाक्टरों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। इसी का परिणाम है कि कुछ दिन पूर्व अस्पताल में नवजात शिशु की मौत हो गई। श्री गुप्ता ने बताया कि भाजपा सोलन मंडल ने इस विषय में मुख्यमंत्री से इस अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।
इस अवसर पर भाजपा मंडलाध्यक्ष लोकेश्वर शर्मा, रविंद्र परिहार, पवन गुप्ता, कमला शर्मा, सोमा ठाकुर, सुषमा शर्मा, मीरा बाखरू, कृष्णा ठाकुर, सुधा मित्तल, मनीष, सुनील लग्गा, अनिल कपिल, अमर सिंह ठाकुर, चंद्रकांत शर्मा, विवेक डोभाल, मुकेश वर्मा, अनिल चौहान, भरत साहनी, कमल वर्मा, नंदराम कश्यप, प्रशांत, बादल नाहर, संजय मलिक, हितेंद्र शर्मा व इंद्र सिंह मैहता सहित अन्य कार्यकत्र्ता मौजूद रहे।
शहर में कहीं भी अघोषित विद्युत कट नहीं लग रहे हैं। 132 केवी सपरून केन्द्र से बिजली की कम आपूर्ति होने के कारण आवश्यकतानुसार 11 केवी फीडरों पर कट लगाए जा रहे हं। इस बारे विभाग ने समाचार पत्रों के माध्यम से कटों की समयसारिणी को प्रकाशित किया था।
एसके सैन, अधिशासी अभियंता विद्युत बोर्ड
हिमाचल का तीर्थस्थल आग से क्षतिग्रस्त
कांगड़ा|
हिमाचल प्रदेश की पहाड़ी पर स्थित लकड़ी से निर्मित एक प्राचीन मंदिर आग से क्षतिग्रस्त हो गया है। यह जानकारी अधिकारियों ने शनिवार को दी। मंदिर इन दिनों सर्दियों में हो रही भारी हिमपात की वजह से बंद है। आदि हिमानी चामुंडा मंदिर के अधिकारी सुर्जन सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि धौलाधर की चोटी पर स्थित मंदिर राख में तब्दील हो गई है। मंदिर परिसर में गुरुवार रात आग लग गई थी और वहां के स्थानीय लोगों ने कहा कि उन्होंने पुलिस को अगले दिन सूचना दी थी। मंदिर के आसपास के इलाके में तीन फुट मोटी बर्फ की चादर फैली हुई है।
मंदिर दिसंबर 2013 से बंद है। उन्होंने कहा, "हमने मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए जिला प्रशासन से फौरन एक टीम भेजने का निवेदन किया है।"
कांगड़ा के उपायुक्त सी.पॉल रासु ने आईएएनएस को बताया कि प्रशासन को शुक्रवार को इसकी जानकारी मिली।
उन्होंने कहा, "आग लगने की वजह का पता नहीं लगाया जा सका है। बर्फ पिघलने के बाद अधिकारियों की एक टीम भेजी जाएगी।"
हिमाचल प्रदेश की पहाड़ी पर स्थित लकड़ी से निर्मित एक प्राचीन मंदिर आग से क्षतिग्रस्त हो गया है। यह जानकारी अधिकारियों ने शनिवार को दी। मंदिर इन दिनों सर्दियों में हो रही भारी हिमपात की वजह से बंद है। आदि हिमानी चामुंडा मंदिर के अधिकारी सुर्जन सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि धौलाधर की चोटी पर स्थित मंदिर राख में तब्दील हो गई है। मंदिर परिसर में गुरुवार रात आग लग गई थी और वहां के स्थानीय लोगों ने कहा कि उन्होंने पुलिस को अगले दिन सूचना दी थी। मंदिर के आसपास के इलाके में तीन फुट मोटी बर्फ की चादर फैली हुई है।
मंदिर दिसंबर 2013 से बंद है। उन्होंने कहा, "हमने मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए जिला प्रशासन से फौरन एक टीम भेजने का निवेदन किया है।"
कांगड़ा के उपायुक्त सी.पॉल रासु ने आईएएनएस को बताया कि प्रशासन को शुक्रवार को इसकी जानकारी मिली।
उन्होंने कहा, "आग लगने की वजह का पता नहीं लगाया जा सका है। बर्फ पिघलने के बाद अधिकारियों की एक टीम भेजी जाएगी।"
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