हिमखबर न्यूज :- बरोटीवाला क्षेत्र के बलयाणा
स्थित एक दवा बनाने वाली फार्मास्यूटिकल कंपनी में एक कामगार की मौत हो गई
जिससे गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों ने कंपनी के गेट पर लाश लेकर धरना दिया
तथा इस दौरान पुलिस भी मौजूद रही। ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद कंपनी के
मालिकों ने परिवार के साथ समझौता किया तथा विवाद शांत हो गया।
बरोटीवाला पंचायत प्रधान राम रत्न चौधरी व उपप्रधान गुरबख्श खन्ना ने बताया कि देसराज की मौत सोमवार शाम 4 बजे हो गई थी लेकिन कंपनी की तरफ से कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई जिससे गुस्साए लोगों ने कंपनी के खिलाफ धरना दिया। जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह बलयाणा निवासी देसराज (18) पुत्र लज्जा राम कंपनी में ड्यूटी करने गया था और रात करीब 11 बजे उसे कंपनी के बाहर लगे उपकरण की सफाई करने के लिए कहा गया। जब वह एक सीढ़ी पर चढ़कर काम कर रहा था तो अचानक उसका पांव फिसल गया और नीचे पड़े लोहे के वाइपर पर गिर गया जिससे वह घायल हो गया।
घायलावस्था में उसे झाड़माजरी स्थित ईएसआई अस्पताल ले जाया गया जहां उसे प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। रविवार को फिर युवक की तबीयत बिगड़ गई और परिजन उसे ईएसआईसी अस्पताल काठा ले गए तथा वहां पर उसे दवाई देकर छुट्टी दे दी गई। सोमवार को अचानक फिर तबीयत बिगडऩे पर उसे काठा अस्पताल में दाखिल करवाया गया और शाम करीब 4 बजे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने सूचना मिलने पर शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया और गुस्साए परिजनों ने मंगलवार को युवक का शव कंपनी के गेट पर रख धरना दिया।
बरोटीवाला पंचायत प्रधान राम रत्न चौधरी व उपप्रधान गुरबख्श खन्ना ने बताया कि देसराज की मौत सोमवार शाम 4 बजे हो गई थी लेकिन कंपनी की तरफ से कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई जिससे गुस्साए लोगों ने कंपनी के खिलाफ धरना दिया। जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह बलयाणा निवासी देसराज (18) पुत्र लज्जा राम कंपनी में ड्यूटी करने गया था और रात करीब 11 बजे उसे कंपनी के बाहर लगे उपकरण की सफाई करने के लिए कहा गया। जब वह एक सीढ़ी पर चढ़कर काम कर रहा था तो अचानक उसका पांव फिसल गया और नीचे पड़े लोहे के वाइपर पर गिर गया जिससे वह घायल हो गया।
घायलावस्था में उसे झाड़माजरी स्थित ईएसआई अस्पताल ले जाया गया जहां उसे प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। रविवार को फिर युवक की तबीयत बिगड़ गई और परिजन उसे ईएसआईसी अस्पताल काठा ले गए तथा वहां पर उसे दवाई देकर छुट्टी दे दी गई। सोमवार को अचानक फिर तबीयत बिगडऩे पर उसे काठा अस्पताल में दाखिल करवाया गया और शाम करीब 4 बजे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने सूचना मिलने पर शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया और गुस्साए परिजनों ने मंगलवार को युवक का शव कंपनी के गेट पर रख धरना दिया।
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एस यु कैन